कालचक्र। अमेरिकी चलचित्र सोर्सकोड का चीनिस्तानी संस्करण। एक समूहयान दुर्घटना का निरन्तर कालचक्र में दो लोग फँस जाते हैं। दुर्घटना के पीछे रहस्य सुलझाने से ही वे अपने जीवन बचा सकेंगे। जहाँ सोर्सकोड में दुर्घटना केवल सामान्य आतंकवाद था यहाँ कुछ सामाजिक विषय तथा न्याय की बात है। इसलिए कहानी अधिक गहन। कुछ वास्तविक दुर्घटना से प्रेरित लगता है जिसके कारण कुछ लोगों के लिए संवेदनशील विषय हो सकता है। युवक ही नहीं वयस्कजन के लिए भी हितोपदेशी। अन्य वास्तविकतावादी चीनिस्तानी कहानियों से भिन्न इसका अन्त हर्षदायक बनाया गया। लगभग दस घण्टे कुल।
राज
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शास्त्र तन्त्र भाषा इतिहास।
वाद्यम्। रिम्तिम्तगीदिम अष्टक विकार।
गीतम्। इतिहिवीथी।
इस उपाय में एक समस्या है। शास्त्र परम्परा में कुछ विषयवस्तुओं की सार्वजनिक शिक्षा का स्पष्ट निषेध है। मुख्यतः वेद मन्त्र प्रणव युक्त मन्त्र कर्मकाण्ड इत्यादि। परन्तु संस्कृत में लौकिक विषयवस्तुओं की सार्वजनिक शिक्षा की अनुमति का प्रमाण भी उपलब्ध है। चिकित्साशास्त्र के मान्य ग्रन्थ सुश्रुतसंहिता के शिष्योपनीयम अध्याय में यह कहा गया। ॰मंत्रवर्ज्यमनुपनीतमध्यापयेत्॰। चाणक्य का अर्थशास्त्र भास्कराचार्य के गणित तथा खगोलशास्त्र इत्यादि भी लौकिक विषयवस्तु हैं। स्वमत है कि इस आध्यात्मिक लौकिक विषयवस्तु विभाजन से भाषा में संस्कृत युक्त सार्वजनिक सर्वसमान शिक्षा सम्भाव्य। तथा पर्याप्त भी।
प्र॰। भाषा की भ्रष्टता से कैसे बचें। उ॰। पहले भाषा का संस्कृत से सम्बन्ध समझना चाहिए। जैसे शरीर में मांस तथा हड्डियाँ दोनों है। पर समान नहीं। हड्डियों से शरीर टिकता है। मांस से शरीर चलता है। हड्डी स्वयम चल नहीं सकता। मांस स्वयम टिक नहीं सकता। वैसे ही संस्कृत टिकता है। हिन्दी चलती है। पर संस्कृत बिना हिन्दी टिकेगी नहीं। हिन्दी बिना संस्कृत चलेगा नहीं। भाषा को संस्कृत से पृथक करना दोनों को मारने का प्रयास है। भाषा की भ्रष्टता से बचने का एक ही उपाय। भाषा में संस्कृत का प्रयोग।
शब्दावली। अमेथिस्ट क्रमक के अनुवाद में प्रयुक्त। टीका अथवा पत्र प्रकाशन। कचरालेख। पुनःप्रसारक तथा ग्राहक। विभेदक। लेखाएँ। ग्राहकताएँ। आद्यताएँ। समयांकन प्रवेशांकन निर्गमनांकन। पारणशब्द। प्रमाणीकरण। ख्याप्य तथा गुप्त अथवा निजी कुंचिका। अष्टक। षोडशांकरूप। टाँकाफलक। रहस्यीकरण। जैविकमात्राएँ। पररूपण। स्मारकचिह्न। इष्ट। प्रपत्रस्थान। अभिलेख सेवासंगणक। संकुचित अभिलेख। घुण्डी टाँकें। प्रगतिमान पट्टी। मार्गदर्शन पट्टियाँ। विषयसूचक। तत्क्षणप्रसार। पण्यक्षेत्र। पूर्वीक्षण। पृष्ठघुमाव। प्रयोगमाध्यम शैली। प्रेषण प्रेषक संयुक्तप्रेषण। समावृत संदेश। संयोजन। मध्यस्थ। प्रत्याह्वान जालपता। पीठशय्यादि। विद्युत्कणयन्त्र। संग्रहार्थ। धनकोष। उपहारकोषयुक्त। ज्साप तथा ज्सापोपार्जन योजना। टकसाल। श्रमप्रमाण। लिपिखण्ड। बिटकोयिन खण्डश्रृंखला। लैटनिंग चालान।
सावधान। अमेथिस्ट पर सभी चित्र चलचित्र का स्वचालित अवरोहण बाधित रखना उचित।

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Describe the bug Not sure if this warrants a bug but sharing as it would put off new users. I installed Amethyst this morning and used 700MB of dat...
नहि। न च हि च। निषेधः। अभावेनह्यनोनापि। इत्यमरः। यथा। ॰नहिनहिनहीत्येवकुरुते। इत्युद्भटः। हिन्दी में निषेधार्थक अव्यय चन्द्रबिन्दु युक्त नहीँ। संभवतः हाँ के जैसे। शिरोरेखा के ऊपर ई मात्रा होने के कारण सरलीकृत बिन्दु युक्त नहीं॥ हि। निश्चयार्थक अव्यय। हिन्दी में ही॥ हाँ। आम्॥
अमेथिस्ट। नोस्ट्र आण्ड्रोयिड क्रमक का प्रयोगमाध्यम स्तर हिन्दी अनुवाद चल रहा है। सहयोग उपालम्भ सुधार शोधन इत्यादि स्वीकृत।


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ध्यातव्य। शक कालगणना में क्रोधी संवत्सर आज से चल रहा है। अर्थात श॰ १९४७ वर्ष का संवत्सर नाम है। पर सामान्यतः लिखने में गत वर्ष अर्थात १९४६ ही लिखा जाता है दिनांक इत्यादि में॥ कालः। अद्य १९४६ तमेशकाब्दगते १९४७ तमेशकाब्दे क्रोधीसम्वत्सरे चैत्रशुक्लप्रतिपदा। मंगलवारः १९४६:०१:शु:०१ ॥
कालः। अद्य ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्रीश्वेतवराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविम्शतितमेयुगे कलियुगे कलिप्रथमचरणे १९४६ तमेशकाब्दे शोभकृत्सम्वत्सरे चैत्रस्य कृष्णामावस्या। सोमवारः १९४५:०१:कृ:१५ ।